बंग को आम बोल-चाल में रांगा के नाम से जाना जाता है. बंग भस्म हर तरह के प्रमेह रोगों की महौषधि है. स्वप्नदोष, धातुस्राव, वीर्य विकार, महिला रोग, वात व्याधि और दुसरे प्रमेह रोगों में यह बेहद असरदार होती है.
बंग भस्म की मात्रा और सेवन विधि – 125mg से अधिकतम 500mg तक सुबह-शाम शहद, मक्खन-मलाई या रोगानुसार अनुपान से.
Packing- 5 gram




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