मुक्ताशुक्ति भस्म
मोती पिष्टी/भस्म की जगह पर मुक्ताशुक्ति भस्म का इस्तेमाल किया जाता है क्यूंकि मोती पिष्टी/भस्म महँगी होने से सभी लोग उसका खर्च वहन नहीं कर सकते हैं. यह एसिडिटी, ह्रदय रोग, खाँसी-अस्थमा, आँखों की जलन, बुखार, टी. बी., पेट दर्द, सफ़ेद प्रदर, रक्त प्रदर और पित्त की बीमारियाँ दूर होती हैं. यह भी कैल्शियम रिच होता है.
मुक्ताशुक्ति भस्म की मात्रा और सेवन विधि – 125mg से 375mg तक सुबह-शाम शहद या रोगानुसार अनुपान से देना चाहिए.
Packing- 10 gram





Reviews
There are no reviews yet.